सोचने-समझने की क्षमता खत्म कर रही घंटों रील्स देखने की आदत
वॉशिंगटन/कैनबरा। काम करते-करते थक गए हों या लंबा रास्ता काटना बोझिल लगने लगे तब एक-आधे मिनट की बेसिर-पैर की मजेदार रील्स देखकर आप नई ऊर्जा से भर जाते हैं। लेकिन यही रील्स या शॉर्ट वीडियो देखना लत बन जाए तो आपकी सोचने-समझने की क्षमता को कुंद कर सकती है।
अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन में प्रकाशित एक वैश्विक मेटा-विश्लेषण से पता चलता है कि शॉर्ट-फॉर्म वीडियो का अत्यधिक उपयोग दिगाम की ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को कमजोर कर रहा है और लोगों में तनाव और चिंता बढ़ने का कारण बन रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादा देर रील्स और शॉर्ट वीडियो देखने वाले अन्य चीजों पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते। यह नहीं, अपने व्यवहार और इच्छाओं पर नियंत्रण भी खो देते हैं। कई बार तो हालत ऐसी होती है, अगर फोन दूर कर दिया जाए तो उन्हें घबराहट होने लगती है।

