जेन अल्फा का सड़क-शिक्षक के लिए प्रदर्शन, बच्चों संग ग्रामीणों ने घेरा कलेक्ट्रेट
हमीरपुर। जिले में स्कूली बच्चों की समस्याओं को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। बुधवार को कुरारा ब्लॉक के बैरौली, भौंरा और जमरेही तीर गांवों के स्कूली बच्चों और अभिभावकों ने खराब सड़क समेत अन्य समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कुरारा पुलिस ने सिटी फॉरेस्ट के पास प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण वैकल्पिक रास्ते से करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यहां करीब दो घंटे तक नारेबाजी कर ग्रामीणों और बच्चों ने अपनी समस्याएं उठाईं।
हंगामे की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया।
खराब सड़क से परेशान हैं स्कूली बच्चे
ग्रामीणों का कहना है कि गांवों की खराब सड़क के कारण स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बच्चों और अभिभावकों ने सड़क की स्थिति सुधारने की मांग को लेकर प्रशासन के सामने अपनी बात रखी।
बताया गया कि इससे पहले 11 अगस्त को कुरारा ब्लॉक की चंदूपुर ग्राम पंचायत के स्कूली बच्चों और अभिभावकों ने भी प्रदर्शन किया था। इसके बाद बुधवार को आसपास के गांवों के बच्चे और ग्रामीण भी सड़क की समस्या को लेकर आंदोलन में शामिल हुए।
सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षकों की बहाली का मुद्दा भी उठा
समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई हैं।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूलों में शिक्षकों की पर्याप्त तैनाती के साथ बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
उन्नाव में डीएम-एसपी ने बच्चों के साथ किया भोजन
इसी बीच उन्नाव में भी विद्यालयों की समस्याओं को लेकर प्रशासन ने बच्चों के बीच पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मोहन स्थित निरंतरपुर में जाम-नारेबाजी की सूचना पर पहुंचे डीएम प्रशांत कुमार मीणा और एसपी यशवीर सिंह ने स्कूल की कैंटीन में बच्चों के साथ भोजन किया और उनकी समस्याएं सुनीं।
अधिकारियों ने बच्चों से बातचीत कर स्कूल में मिलने वाले भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अधिकारियों के इस कदम का उद्देश्य बच्चों की समस्याओं को सीधे समझना और विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार करना बताया गया।
सोशल मीडिया पर स्कूलों की छवि धूमिल करने वालों पर कार्रवाई
प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा से संबंधित स्कूलों की भ्रामक या गलत जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाली शिकायतों की जांच कर तथ्यात्मक जवाब दिया जाए और भ्रामक सूचनाओं का खंडन किया जाए।

