स्कूलों की हर शिकायत पर नजर, भ्रामक सूचनाओं का होगा खंडन
लखनऊ।दिल्ली के जंतर-मंतर पर जेन-जी के आंदोलन के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से जेन-अल्फा के प्रदर्शनों की खबरों के बीच प्रदेश सरकार ने भी स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। जिलों में विद्यार्थियों की ओर से मांगों को लेकर प्रदर्शन की खबरें सामने आ रही हैं। इनमें कुछ मामले विद्यालयों की व्यवस्था और सुविधाओं से जुड़े हैं।
इसे देखते हुए मुख्य सचिव एसपी गोयल के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। इसमें विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने पर जोर दिया गया है। इंटरनेट मीडिया पर स्कूलों से जुड़ी किसी शिकायत के सामने आने पर उसकी तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भ्रामक सूचनाओं का तथ्यों के आधार पर खंडन करने को भी कहा गया है।
आदेश में परिषदीय विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 15 बिंदुओं की सुविधाओं, जबकि माध्यमिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट अलंकार के कार्यों की स्थिति जांचने को कहा गया है। कम्पोजिट ग्रांट के सही उपयोग, बच्चों को जूते-मोजे, किताबें व यूनिफॉर्म मिलने और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के दौरान विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर सफाई व जलभराव की समस्या दूर करने को कहा गया है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में सुरक्षित वातावरण, महिला स्टाफ, भोजन, चिकित्सा सुविधा और महिला चिकित्सक से स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाएगी। महिला अधिकारियों से इन विद्यालयों का समय-समय पर निरीक्षण भी कराया जाएगा।
विद्यालय भवनों के ऊपर से गुजर रहे एचटी-एलटी तारों को हटाने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी करने और एसएमसी को सक्रिय करने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही सफाईकर्मियों की जिम्मेदारी तय होगी। पीएम पोषण में गुणवत्तापूर्ण भोजन, विद्यार्थियों की सुरक्षा व निजता और शिक्षकों की गरिमा का ध्यान रखने को कहा गया है। निजी विद्यालयों को भी विद्यार्थियों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

