69 हजार शिक्षक भर्ती की नियुक्ति में भेदभाव क्यों : कोर्ट
69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा के एक अंक विवाद मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पूछा है कि एक अभ्यर्थी को नियुक्ति देकर बाकियों के साथ भेदभाव क्यों किया गया है। न्यायालय ने राज्य सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग को एक सप्ताह में जवाब देने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवायी 8 अक्तूबर को होगी।
अभ्यर्थियों का मेरिट के अनुसार चयन किया जाना था: यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने राम जी मिश्रा व 11 अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर पारित किया। याचियों की ओर से कहा गया है कि 2249 अभ्यर्थियों में मेरिट के अनुसार चयन किया जाना था लेकिन सिर्फ एक अभ्यर्थी को 7 मई 2026 को नियुक्ति प्रदान की गई। बता दें कि सुनवायी के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग ने सिर्फ एक अभ्यर्थी को नियुक्ति दिए जाने की बात स्वीकार की। बता दें कि इस पर न्यायालय ने कहा कि यह प्रत्यक्ष रूप से याचियों के साथ भेदभाव को दर्शाता है।

